BMS (बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम) लिथियम बैटरी पैक की सुरक्षा करता है। कोई सेल ज़्यादा चार्ज हो, ज़्यादा डिस्चार्ज हो, करंट बहुत बढ़ जाए या शॉर्ट सर्किट हो - तो BMS बिजली काट देता है। ग़लत BMS लगाया तो या तो पैक बार-बार बंद होगा, या ठीक से सुरक्षित ही नहीं रहेगा। यहाँ चार स्टेप में सही BMS चुनने का तरीका है।
स्टेप 1: सीरीज़ में सेल गिनें ("S" नंबर)
हर BMS सीरीज़ में तय संख्या के सेल के लिए बनता है - जैसे 4S, 8S, 16S। LiFePO4 का एक सेल 3.2 V का होता है, इसलिए:
| 4S | 12.8 V - 12 V बैटरी की जगह |
| 8S | 25.6 V - 24 V इन्वर्टर के लिए |
| 16S | 51.2 V - 48 V इन्वर्टर और कई ई-रिक्शा के लिए |
| 20S | 64 V |
| 24S | 76.8 V |
साधारण बोर्ड (जैसे 16S BMS) सिर्फ़ उतने ही सेल के साथ चलते हैं। स्मार्ट BMS अक्सर एक रेंज में आते हैं, जैसे 8S-20S या 8S-24S, और ऐप में आपके पैक के हिसाब से सेट किए जाते हैं।
केमिस्ट्री भी जाँचें। Li-ion NMC सेल लगभग 3.6-3.7 V के होते हैं और 4.2 V तक चार्ज होते हैं, जबकि LiFePO4 सेल लगभग 3.65 V तक। LiFePO4 पैक पर NMC वाला BMS (या उल्टा) ग़लत वोल्टेज पर सुरक्षा देगा। अपनी केमिस्ट्री वाला बोर्ड लें, या ऐसा स्मार्ट BMS जिसमें सेल टाइप चुना जा सके।
स्टेप 2: करंट निकालें
BMS को आपके लोड का सबसे ज़्यादा लगातार करंट, थोड़ी गुंजाइश के साथ, झेलना चाहिए। इन्वर्टर के लिए:
करंट (A) = इन्वर्टर की पावर (W) ÷ बैटरी वोल्टेज (V) ÷ 0.9
- 51.2 V पैक पर 5,000 W इन्वर्टर: 5000 ÷ 51.2 ÷ 0.9 = लगभग 109 A, इसलिए 150 A का BMS लें।
- 25.6 V पैक पर 3,000 W इन्वर्टर: 3000 ÷ 25.6 ÷ 0.9 = लगभग 130 A, इसलिए 150 A या 200 A लें।
मोटर और इन्वर्टर चालू होते समय थोड़ी देर ज़्यादा करंट खींचते हैं, इसलिए ऐसा BMS न लें जो अपनी लिमिट पर ही चले। ई-रिक्शा या ई-स्कूटी के लिए कंट्रोलर की अधिकतम करंट रेटिंग देखें।
स्टेप 3: स्टैंडर्ड, सेमी-स्मार्ट या स्मार्ट?
- स्टैंडर्ड BMS (प्रोटेक्शन बोर्ड): सेटिंग तय होती हैं, कोई ऐप नहीं। सादे पैक के लिए भरोसेमंद और सस्ता।
- सेमी-स्मार्ट BMS: बीच का विकल्प, स्मार्ट से कम मॉनिटरिंग फ़ीचर।
- स्मार्ट BMS: फ़ोन ऐप (Bluetooth) में हर सेल का वोल्टेज, तापमान और करंट दिखता है, और सुरक्षा की सेटिंग बदल सकते हैं। कमज़ोर सेल या ढीला तार ढूँढना बहुत आसान।
- ESS BMS: इन्वर्टर बैटरी रैक (एनर्जी स्टोरेज) के लिए बना।
जो इन्वर्टर या सोलर बैटरी सालों चलानी है, उसके लिए स्मार्ट BMS का थोड़ा ज़्यादा ख़र्चा फ़ायदेमंद है।
स्टेप 4: कितनी बैलेंसिंग चाहिए?
समय के साथ सेल बराबर नहीं रहते: एक सेल पहले फ़ुल हो जाता है और BMS चार्जिंग रोक देता है, जिससे पूरे पैक की इस्तेमाल होने लायक़ क्षमता घट जाती है। बैलेंसिंग सेल को बराबर करती है।
- पैसिव बैलेंसिंग सबसे ऊँचे सेल की थोड़ी एनर्जी गर्मी में बदल देती है। यह धीमी होती है - आमतौर पर 0.1 A से काफ़ी कम।
- एक्टिव बैलेंसिंग एनर्जी को ऊँचे सेल से नीचे वाले सेल में भेजती है। JK स्मार्ट BMS 0.6 A पर बैलेंस करते हैं, और कुछ मॉडल 1 A या 2 A पर।
बड़े पैक (200 Ah और ऊपर) या पुराने/मिले-जुले सेल वाले पैक में ज़्यादा बैलेंस करंट फ़ायदेमंद है। जिस पैक में पहले से BMS है, उसमें अलग से एक्टिव बैलेंसर (अंग्रेज़ी में) भी जोड़ सकते हैं।
100 V से ऊपर: हाई-वोल्टेज सिस्टम
लगभग 100 V से बड़े सिस्टम (कमर्शियल स्टोरेज, कुछ EV) में एक बोर्ड की जगह मास्टर BMS (BCU) होता है, जो हर बैटरी ब्लॉक के एक स्लेव मॉड्यूल को कंट्रोल करता है। यह विशेषज्ञ काम है - ख़रीदने से पहले हमसे बात करें।
लगाते समय ध्यान रखें
- एक जैसी क्षमता और ग्रेड के सेल लें, और पैक बनाने से पहले उन्हें बराबर चार्ज (टॉप-बैलेंस) करें।
- बैलेंस वायर मैनुअल में दिए क्रम में ही जोड़ें, और लगाने से पहले हर तार का वोल्टेज मीटर से जाँचें। ग़लत क्रम से BMS ख़राब हो सकता है।
- BMS के करंट के हिसाब से मोटी केबल और लग लगाएँ, और हर बसबार ठीक से कसें।
- पैक और लोड के बीच फ़्यूज़ या DC ब्रेकर लगाएँ।
जल्दी चुनाव
- 12 V (4S) LiFePO4 पैक: JBD LiFePO4 BMS 4S 100A
- 24 V (8S) पैक: Daly LiFePO4 BMS 8S 100A
- 48 V (16S) इन्वर्टर बैटरी, ऐप के साथ: JK Smart BMS 8S-24S 150A
- इन्वर्टर बैटरी रैक: JK Smart ESS BMS 8S-16S 100A
- 48 V NMC ई-बाइक पैक: JBD Li-ion (NMC) BMS 13S 40A
सभी JK, JBD और Daly मॉडल BMS और बैलेंसर पेज पर देखें। तय नहीं कर पा रहे? सेल का प्रकार, सीरीज़ में कितने सेल और लोड WhatsApp पर भेजें - हम सही BMS बताएँगे।
