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5kW सोलर सिस्टम का ख़र्चा कितना है? पूरा हिसाब

3 Oct 2026 · 6 min read

5kW का सोलर सिस्टम एक बड़े घर या छोटी दुकान के लिए सबसे लोकप्रिय साइज़ है। लेकिन इसका ख़र्चा एक तय रकम नहीं है - यह इस पर निर्भर करता है कि आप ऑन-ग्रिड सिस्टम लगा रहे हैं या बैटरी वाला हाइब्रिड, आपकी छत कैसी है, और आप कौन-से उपकरण चुनते हैं। इस गाइड में हम पूरा हिसाब हिस्सों में समझाएँगे, ताकि आप किसी भी quote को ख़ुद जाँच सकें।

5kW सिस्टम में क्या-क्या लगता है?

सोलर पैनल550 Wp के 10 पैनल (5.5 kWp) या 600 Wp के 9 पैनल (5.4 kWp)
इन्वर्टरबैकअप नहीं चाहिए तो ग्रिड-टाई इन्वर्टर; बिजली जाने पर भी घर चलाना है तो हाइब्रिड इन्वर्टर
बैटरीसिर्फ़ हाइब्रिड सिस्टम में - जैसे 51.2 V 100 Ah (5.12 kWh) या 200 Ah (10.24 kWh) लिथियम
माउंटिंग स्ट्रक्चरपैनल को छत पर टिकाने वाला स्टैंड
वायरिंग और सुरक्षाDC/AC केबल, MC4 कनेक्टर, ACDB/DCDB बॉक्स, अर्थिंग, लाइटनिंग अरेस्टर
इंस्टॉलेशनफ़िटिंग, वायरिंग और सिस्टम चालू करने की लेबर
नेट मीटरिंगऑन-ग्रिड सिस्टम में बिजली कंपनी (DISCOM) का मीटर और फ़ीस

PowerRun के साथ उपकरणों का ख़र्चा

बैटरी के साथ 5kW हाइब्रिड सिस्टम के लिए PowerRun के ये उपकरण सही बैठते हैं (दाम अक्टूबर 2026 के हैं, ताज़ा दाम प्रोडक्ट पेज पर देखें):

PowerRun उपकरणों का कुल ख़र्चा (550 Wp के 10 पैनल के साथ)

10 पैनल + 6.2 kW हाइब्रिड इन्वर्टर₹1,24,499
+ 5.12 kWh लिथियम बैटरी (51.2 V 100 Ah)₹1,84,998
+ 10.24 kWh लिथियम बैटरी (51.2 V 200 Ah)₹2,46,998

600 Wp के 9 पैनल लें तो हर लाइन में ₹1,600 कम लगेंगे।

इन रकमों में सिर्फ़ उपकरण शामिल हैं। स्ट्रक्चर, वायरिंग, अर्थिंग और इंस्टॉलेशन का ख़र्चा जगह के हिसाब से बहुत बदलता है, इसलिए इसका quote अपने इंस्टॉलर से साइट देखकर ही लें और ऊपर की रकम में जोड़ें।

ख़र्चा किन बातों से बदलता है?

  • ऑन-ग्रिड या हाइब्रिड: बैटरी सबसे बड़ा अतिरिक्त ख़र्चा है। बैटरी नहीं तो ख़र्चा कम, लेकिन बिजली जाने पर सिस्टम भी बंद हो जाता है।
  • छत का प्रकार: पक्की (RCC) छत पर स्ट्रक्चर सस्ता पड़ता है; टिन शेड या ऊँचा (elevated) स्ट्रक्चर महँगा होता है।
  • केबल की लंबाई: छत से इन्वर्टर जितना दूर, केबल उतनी लंबी और महँगी।
  • बैटरी का साइज़: 5.12 kWh या 10.24 kWh - जितना ज़्यादा बैकअप, उतना ज़्यादा ख़र्चा।
  • वारंटी: सस्ते उपकरण पहले कम दिखते हैं, पर जल्दी बदलने पड़ें तो महँगे पड़ते हैं। PowerRun लिथियम बैटरी पर 5 साल, इन्वर्टर पर 2 साल और पैनल पर 10 साल प्रोडक्ट / 25 साल परफ़ॉर्मेंस वारंटी है।

5kW सिस्टम कितनी बिजली बनाता है?

भारत के ज़्यादातर हिस्सों में 1 kW सोलर पैनल साल भर में औसतन रोज़ 4 से 5 यूनिट बिजली बनाते हैं - गर्मियों में ज़्यादा, बारिश के मौसम में कम। इस हिसाब से 5kW सिस्टम:

  • रोज़ लगभग 20-25 यूनिट
  • महीने में लगभग 600-750 यूनिट

अगर आपका बिजली बिल हर महीने 500 से 800 यूनिट के बीच आता है, तो 5kW आपके लिए सही साइज़ है। अपने बिल के हिसाब से सही साइज़ जानने के लिए हमारा सोलर कैलकुलेटर इस्तेमाल करें।

हर महीने कितनी बचत होगी?

बचत = बनने वाली यूनिट x आपकी बिजली की दर (₹ प्रति यूनिट)

उदाहरण के लिए, अगर आपकी बिजली ₹7 प्रति यूनिट पड़ती है:

  • 600 यूनिट x ₹7 = ₹4,200 महीना
  • 750 यूनिट x ₹7 = ₹5,250 महीना
  • यानी साल में लगभग ₹50,000 से ₹63,000

अपने बिल पर लिखी असली दर से यह हिसाब दोबारा करें - हर राज्य और हर स्लैब की दर अलग होती है।

पैसा कितने साल में वापस आएगा?

पेबैक (साल) = सिस्टम का कुल ख़र्चा ÷ सालाना बचत

उदाहरण: पैनल + इन्वर्टर (₹1,24,499) में इंस्टॉलेशन का ख़र्चा जोड़ें और उसे सालाना बचत से भाग दें। अगर इंस्टॉलेशन जोड़कर कुल ख़र्चा ₹1,75,000 आता है और सालाना बचत ₹50,000 है, तो पैसा लगभग 3.5 साल में वापस आ जाएगा। उसके बाद पैनल की बाकी ज़िंदगी में बनने वाली बिजली लगभग मुफ़्त है।

बैटरी वाले सिस्टम में पेबैक थोड़ा लंबा होता है, क्योंकि बैटरी बिजली बचाती कम है और बैकअप ज़्यादा देती है - उसकी असली कीमत बिना रुकावट बिजली में है। LiFePO4 बैटरी 80% DoD पर 6000+ साइकिल चलती है, इसलिए उसे बार-बार बदलना नहीं पड़ता।

PM सूर्य घर सब्सिडी के बारे में

घर की छत पर लगने वाले सोलर सिस्टम के लिए केंद्र सरकार की PM सूर्य घर: मुफ़्त बिजली योजना के तहत सब्सिडी मिलती है - 2026 में भी 3 kW या उससे बड़े सिस्टम पर अधिकतम ₹78,000 (पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों में ₹85,800)। पूरी और ताज़ा जानकारी के लिए pmsuryaghar.gov.in देखें। ध्यान रखें:

  • सब्सिडी सिर्फ़ घरेलू (residential), ग्रिड से जुड़े (on-grid) रूफ़टॉप सिस्टम पर मिलती है।
  • आवेदन pmsuryaghar.gov.in पोर्टल से होता है और सिस्टम योजना में रजिस्टर्ड वेंडर से लगवाना होता है।
  • पैनल योजना की ALMM लिस्ट में होने चाहिए।
  • बैटरी का ख़र्चा सब्सिडी में शामिल नहीं होता।

साफ़ जानकारी: PowerRun इस योजना में रजिस्टर्ड वेंडर नहीं है और हमारे सोलर पैनल ALMM लिस्ट में नहीं हैं। इसलिए PowerRun के पैनल या सिस्टम पर PM सूर्य घर सब्सिडी नहीं मिलती। अगर आपको सब्सिडी चाहिए, तो सिस्टम पोर्टल पर रजिस्टर्ड वेंडर से ही लगवाएँ।

ऊपर दिया PowerRun उपकरणों का ख़र्चा बिना सब्सिडी का है। सब्सिडी की रकम और नियम बदल सकते हैं, इसलिए आवेदन से पहले पोर्टल पर ताज़ा जानकारी ज़रूर देखें।

ऑन-ग्रिड लें या हाइब्रिड?

  • ऑन-ग्रिड: सबसे कम ख़र्चा और सबसे जल्दी पेबैक। लेकिन बिजली जाते ही सिस्टम भी बंद हो जाता है। जहाँ बिजली कम जाती है, वहाँ अच्छा विकल्प।
  • हाइब्रिड (बैटरी के साथ): ख़र्चा ज़्यादा, लेकिन पावर कट में भी घर चलता रहता है और दिन की बची सोलर बिजली रात में काम आती है। जहाँ रोज़ बिजली जाती है, वहाँ यही सही है।

सही बैटरी साइज़ चुनने के लिए पढ़ें: बैटरी कितने घंटे का बैकअप देगी? (अंग्रेज़ी में)।

सही quote कैसे लें - चेकलिस्ट

  • पैनल की वॉटेज, संख्या और कुल kWp लिखा हो।
  • इन्वर्टर का मॉडल, उसकी अधिकतम सोलर इनपुट और बैटरी वोल्टेज लिखा हो।
  • बैटरी की केमिस्ट्री (LiFePO4 या लेड-एसिड), kWh और साइकिल लाइफ़ लिखी हो।
  • स्ट्रक्चर, केबल, अर्थिंग और लाइटनिंग अरेस्टर quote में शामिल हों।
  • हर उपकरण की वारंटी अलग-अलग लिखी हो।

मदद चाहिए?

अपना पिछले कुछ महीनों का बिजली बिल और रोज़ कितने घंटे बिजली जाती है, यह WhatsApp पर भेजें। हमारी टीम आपके लिए सही इन्वर्टर, बैटरी और पैनल का कॉम्बिनेशन बताएगी।

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